- हाल ही में NGt ( National Green Tribunal ) राषट्रीय हरित प्राधिकरण ने हरिद्वार और उत्तरप्रदेश में गंगा के प्रदूषण स्तर पर चिंता की है। और कहा है। कि गंगा का जल up के उन्नाव वाले क्षेत्र में पीने योग्य नहीं है। NGT के अध्यक्ष आदर्श गोयल है. इन्होने स्वच्छ गंगा का लिए राष्ट्रीय मिशन स्थापित करने की चेतावनी दी।
- हाल ही में केंद्र सरकार ने चीनी मिलो को गन्ने के रस से एथेनॉल बनाने की अनुमति देने का निर्णय दिया।
- हाल ही में न्यायमूर्ति श्री कृष्ण समिति ने डेटा सुरक्षा पर आधारित डेटा संरक्षण बिल 2018 को सरकार को शोप दिया।
जन्तु जगत --- जंतुजगत के अंतर्गत बहुकोशिकीय, यूकेरियोटिक कोशिका वाले जीव आते है। इनमे क्लोरोफिल नहीं पाया जाता है यह विषमपोषी होते है। इनमें कोशिका भित्ति का अभाव होता है यह भोजन को निगल कर खाते हैइनमे भोजन ग्लाइकोजन के रूप में संचित रहता है। जंतु जल , थल , वायु तीनो जगह पाए जाते है। जन्तुओ को कशेरुक दंड की उपस्थिति एवं अनुपस्थिति के आधार पर दो उपजागतो में बांटा गया है। (1) कशेरुकी (कोर्डेटा ) (2) अकशेरुकी ( नॉन - कोर्डेटा ) अकशेरुकी ( नॉन - कोर्डेटा ) --- इस संघ में ऐसे जन्तुओ को रखा गया है जिनके जीवन काल में कशेरुक दंड नहीं पाया जाता है इसके अंतर्गत आने वाले जीवो को 10 संघो में बांटा गया है। (1) पोरीफेरा -- इस संघ के अंतर्गत असंख्य छिद्र वाले जंतु आते है। जिन्हे स्पंज कहते है। यह जल में पाए जाते है। उदा. -- स्पोंजिला , साइकेन , युस्पंजिला , युलेक्टेला , ओस्केरेला आदि। (2) प्रोटोजोआ -- इसका हम प्रॉटिस्टा जगत में अध्ययन कर चुके है। उदा. -- अमीबा , युग्लीना ...
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