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CLASSIFICATION BIOLOGY NOTES BY. SHAILENDRA SIR

वर्गीकरण  
वर्गीकरण  के अंर्तगत जीवो को पहचानना ,नामकरण करना ,उन्हें जगतो में विभाजित किया जाता है। 
  • वर्गिकी का पिता केरोलस लीनियस को कहा जाता है 
  • व्दिजगत वर्गीकरण केरोलस लीनियस ने दिया था। 
  1. पादप जगत ,  2. जंतु जगत 
  • पांच जगत वर्गीकरण R . H . व्हिटेकर ने दिया जो इस प्रकार है 
          1. मोनेरा जगत 2. प्रोटिस्टा जगत 3. कवक जगत 4. पादप जगत  5. जंतु जगत
  •   वर्गिकी का पदानुक्रम इस प्रकार है , जगत >संघ >वर्ग >गण >कुल >वंश >जाति  
मोनेरा -- मोनेरा जगत के अंर्तगत जीवाणुओं का अध्ययन किया जाता है सर्वप्रथम 1683 में हॉलेंड  के वैज्ञानिक एंटोनी वान ल्यूवेनहोक ने अपने अनाये गए सूक्ष्मदर्शी से दांत की खुरचन में जीवाणुओं को देखा। और उन्हें सूक्ष्म जिव नाम दिया।   
  • एहरेन वर्ग नामक वैज्ञानिक ने 1829 में जीवाणु नाम दिया
  • जीवाणु विज्ञान के पिता ल्यूवेनहॉक को कहाजाता है। 
  • जीवाणु सर्वव्यापी ,  एक कोशिकीय , प्रोकैरियोटिक जीव होते है। 
  • जीवाणु स्वंय पोषी , परजीवी,  मृतोपजीवी  होते है। 
  • जीवाणुओं में श्वसन अंग के रूप में मीजोसोम पाया जाता है। 
  • जीवाणुओं की कोशिका भित्ति सेल्यूलोज की बानी होती है। 
  • जीवाणुओं में कशाभिका (फेजेला ) पायी जाती है। 
  • जीवाणुओं का व्यास। 0.2 म्यू  एम तथा लम्बाई 5 म्यू एम  --- 8 म्यू एम  होती है। 
  • जीवाणु पोषण के आधार पर तीन प्रकार के होते है 
       1. स्वंय पोषी  2. विषमपोषी  3. सहजीवी

   स्वंयपोषी जीवाणु ---  यह दो प्रकार के होते है।,

                          1. प्रकाश संश्लेषी  2. रसायन संश्लेषी
  (1) प्रकाश संश्लेषी ---  क्रोमेशियम , क्लोरोवियम

  (2) रसायन संश्लेषी ---- नाइट्रोसोमोनास , नाट्रोसोवेक्टर , हाइड्रोजिसोमोनास  

  विषमपोषी जीवाणु--- यह  भी दो प्रकार के होते है ,

                             1. मृतोपजीवी  जीवाणु  2. परजीवी जीवाणु
  (1) मृतोपजीवी जीवाणु ---- लेक्टोबेसिलस , एसिटोवेक्टर


  (2) परजीवी जीवाणु -- विब्रियो कॉलेरी

 सहजीवी जीवाणु --- राइजोवियम
  • मानव की आंत में ई -कोलाई जीवाणु पाया जाता है। जो भोजन के पाचन में सहायता करता है। 
  • नारट्रोवेक्टर नामक जीवाणु नाइट्राइट को नाइट्रेट में बदल है। 
  • एंजोला नामक जीवाणु धान  उत्पादन बढ़ाने में सहायक होता है। 
  • नॉस्टॉक एंव एनाबिना जीवाणु साइनोजीवनु ले उदहारण है। 
     जीवाणु द्वारा होने वाले पादप रोग ----
          रोग                                                जीवाणु
      नींबू  का केंकर रोग                          जेंथोमोनस सिट्राई
      आलू  का विल्ट रोग                         स्यूडोमोनास सोलेनिसिरम
     गेंहू का गलन रोग                             कोरिनोबैक्टीरियम ट्रिटिसाई
     कपास का ब्लैक आर्म रोग                 जेंथोमोनास माल्वेसीरम
     धान का अंगमारी                              जेंथोमोनास ऑराइजी

जीवाणुओं द्वारा होने वाले मानव रोग ---

       रोग                                                   जीवाणु
    हैजा (कोलेरा )                                   विब्रियो कोलेरी
   निमोनिया                                         डिप्लोकोकस न्युमोनी
  टाइफाइड                                           साल्मोनेला टायफी
  प्लेग (काली मौत )                              पास्चुरेला पेस्टिस 
टिटनेस (धनुष टंकार )                          क्लॉस्ट्रीडियम टिटेनी
क्षय रोग ,यक्ष्मा ,तपेदिक ,T . B .          माइकोबैक्टरियम  ट्यूबरकुलोसिस 
डिप्थीरिया                                            कोरिनोबैक्टरियम डिप्थीरी
गोनेरिया                                               नीसेरिया गोनेरिया           
कोढ़                                                       माइकोबैक्टरियम  लेप्री
सिफलिस                                               ट्रेपोनिमा पैलिडम


 

 

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